आज कहूं जो दिल की वो बातें...तुमसे कभी जो मैं...कह भी पाया....
प्यार किया था जो तुमसे कभी मैं.... वो इज़हार कभी मैं कर नहीं पाया...
चुपके से चुपके से देखा था तुमको...आंखों से आंखे मिला नहीं पाया....
बचपन का प्यार हमारा था लेकिन जवानी में उसको भुला नही पाया...
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