Tuesday, 25 April 2023

उन्हें देखे आंखों से कितने मुद्दतें बीत गई...
और वो हैं की कहतें है अभी तो मिले थे.......

आशीष गुप्ता...

No comments:

Post a Comment

आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...