Sunday, 6 October 2024

अभी तो आंधियों से टकराकर निकला हूं...
तुफानों से टकराना अभी बाकी है...
बादलों से कह दो... की बारिशों को थोड़ा बचाकर रखें...
उनके आने में अभी वक्त थोड़ा और बाकी है....

आशीष......

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....