अभी तो आंधियों से टकराकर निकला हूं...
तुफानों से टकराना अभी बाकी है...
बादलों से कह दो... की बारिशों को थोड़ा बचाकर रखें...
उनके आने में अभी वक्त थोड़ा और बाकी है....
आशीष......
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
No comments:
Post a Comment