इस भागदौड़ भरी ज़िंदगी में... कितना उलझ गया हूं मैं...
नौकरी के चक्कर में...अपने शहर से कितना दूर हो गया हूं मैं...
जो पास हैं उन्हें शिकायत है कि... कितना बदल गया हूं मैं..
अब क्या बताएं उन्हें हम... की ख़ुद से भी कितना दूर हो गया हूं मैं...
मैने जिसे देखा हर वक़्त... जिसे हमने महसूस किया बेवक्त... आज कल वो मेरे ख्यालों में आने लगी.... कहीं ये इश्क़ तो नहीं... Ashish....
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