आज कल मुझे ख़्याल...बड़े अच्छे आते हैं...
सोता हूं तो... ख़्वाब बड़े अच्छे आते हैं...
नहीं यकीं तुम्हें तो...आज़मा कर देख लेना...
कोई मुझसे सवाल तो करें... जवाब बड़े अच्छे आते हैं...
आशीष गुप्ता....
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....
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