आज कल के मौसम का कुछ पता नहीं...
तुम्हारा क्या हाल है ये भी कुछ पता नहीं...
पता नहीं वहां कितनी सर्दी होगी...
यहां भी मौसम कब करवट ले ये भी कुछ पता नहीं...
Ash..
आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...
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