Wednesday, 22 July 2026


मुलाक़ातें इत्तेफ़ाक़ से नहीं...
किस्मत के ख़ूबसूरत बहाने से होती हैं...

आशीष....

No comments:

Post a Comment

आज लिखने का मन नहीं था... लेकिन किसी की याद ने फिर से दस्तक दे दी... सोचा था आज ख़ामोश ही रहूंगा... मगर उनकी यादों ने फिर से एक ग़ज़ल ही लिखवा...