Thursday, 23 July 2026


काश ऐसा भी एक दिन हो...
जब ज़िंदगी में कोई उलझन न हो...
बस हल्की-सी बारिश हो...
ठंडी हवाओं का सुकून हो...
सामने एक खूबसूरत सी परी हो...
जिसकी मुकुराहट पे हमारी नज़र हो...
वो कुछ कहे... मैं कुछ सुनूँ...
मैं कुछ कहूं...वो कुछ सुने...
मोहब्बत भी हो...चाहत भी हो....
आँखों की आँखों से गुफ्तगू भी हो....
ना कल की फ़िक्र हो... ना आज की थकान हो..
ना रिश्तों का हिसाब हो... ना सपनों पर सवाल हो...


बस ज़िंदगी उसी पल में सिमट जाए....
जिस पल वो बाहों में आ जाए...

आशीष.....

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