मिलना भी खूबसूरत था...
बिछड़ना भी यादगार रहा...
तुम पास थे तो इश्क़ था...
दूर हुए तो इंतज़ार रहा...
Ashish....
ना जाने कितने लोग मिले इस सफ़र में...
कुछ दोस्त बने...कुछ इश्क़ बन गए...
कुछ याद बनकर रह गए दिल में...
और कुछ बिना कहे ही बिछड़ गए...
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....
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