लिखने को पूरी क़िताब ही लिख दुँ
क्या करें कलम तुम्हारें नाम पे ही रुक जाती है...
आशीष गुप्ता...
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....