हम मासूम थे, और हंसी के शिकार हो गए...
थोड़ा टेढ़ा होता तो, वजूद ही मिटा देता...
आशीष...😎😡
तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....
No comments:
Post a Comment