Wednesday, 29 July 2026


मैंने लिखना...
इसलिए नहीं सीखा कि मशहूर हो जाऊँ...
मैंने लिखना...
इसलिए चुना ताकि ख़ुद से दूर न हो जाऊँ...
मेरे अल्फ़ाज़...
किसी महफ़िल के मोहताज नहीं...
ये मेरे अकेलेपन के सबसे अच्छे हमसफ़र हैं....

आशीष

No comments:

Post a Comment

आज रास्तों से नहीं...खुद से मिलने निकलूँगा... भीड़ में नहीं....अपने भीतर की ख़ामोशी में टहलूँगा... एक कप चाय... खुला आसमान...और दिल में उमड़...