पिछले कई सालों बाद जब तुझे देखा...तो वक़्त जैसे ठहर-सा गया...
कुछ चेहरे बदल जाते हैं....मगर तू पहले से भी ज़्यादा ख़ूबसूरत हो गई....
तेरी आँखों में आज भी वही सादगी है....
और तेरी मुस्कान में आज भी वही जादू....
सालों की दूरी ने बस फ़ासले बढ़ाए थे....
तेरी ख़ूबसूरती ने तो यादों को और भी हसीन बना दिया....
इतने साल की दूरी थी... मगर तुझे देखकर लगा जैसे वक़्त कभी गुज़रा ही नहीं...
बस एक फ़र्क़ है...पहले तू ख़ूबसूरत थी...आज तेरी ख़ूबसूरती में और भी निखार आ गया है....
लोग वक़्त के साथ बदल जाते हैं...
और कुछ लोग वक़्त के साथ और भी ख़ास हो जाते हैं… तू उन्हीं में से एक है....
आशीष
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