Monday, 28 September 2026


मोहब्बत तो आज भी उतनी ही है तुमसे...
बस अब इज़हार करने का हक़ नहीं रहा...
तुम याद तो बहुत आते हो हर शामे रात को...
मगर तुम्हें अब वापस बुलाने का हक़ नहीं रहा....

आशीष

No comments:

Post a Comment

मोहब्बत तो आज भी उतनी ही है तुमसे... बस अब इज़हार करने का हक़ नहीं रहा... तुम याद तो बहुत आते हो हर शामे रात को... मगर तुम्हें अब वापस बुलान...