तुम्हें शायद कभी एहसास न हो...
लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो...
जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है...
तो तुम्हारा ख़याल...सुकून बनकर मेरे पास आ जाता है...
मुझे तुम पर सिर्फ़ प्यार नहीं आता...
मुझे तुम पर फ़ख्र होता है...
उस लड़की पर जो हर रोज़...
अपने सपनों...
अपनी ज़िम्मेदारियों...
और अपने संघर्षों के बीच
मुस्कुराना नहीं भूलती...
तुम दूर हो... लेकिन ऐसा एक भी दिन नहीं जाता...
जब तुम्हारी मौजूदगी महसूस न होती हो....
तुम मेरी पत्नी हो...ये मेरी किस्मत है...
लेकिन तुम मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो...
ये मेरी सबसे बड़ी कामयाबी है...
तुम्हारे होने से मुझे हमेशा ये यक़ीन रहता है कि...
चाहे वक़्त कितना भी मुश्किल क्यों न हो...
कोई है जो मुझे समझता है....
मेरा ख़्याल रखती है...
और बिना किसी शर्त के मुझसे प्यार करती है...
ज़िंदगी ने मुझे बहुत कुछ दिया होगा....
मगर जो सबसे अनमोल दिया है...
वो तुम हो....
तुम मेरी हमसफ़र हो...मेरी सबसे अच्छी दोस्त हो...
कहते हैं कि किस्मत वालों को ही ऐसा जीवनसाथी मिलता है...
जो सिर्फ़ पत्नी नहीं...बल्कि सबसे अच्छा दोस्त भी बन जाए...
मेरे लिए वो तुम हो...
तुम दूर होकर भी हर पल मेरे सबसे क़रीब रहती हो...
तुम्हारा प्यार...तुम्हारी परवाह और तुम्हारा साथ...
हर मुश्किल को आसान बना देता है....
तुम रोज़ एक टीचर बनकर न जाने कितनी ज़िम्मेदारियाँ निभाती हो...
संघर्ष करती हो... थकती भी होगी...
लेकिन फिर भी सारी थकान भूलकर मुझसे मिलने के लिए कितने दूर से चली आती हो...
तुम मेरा ख़्याल जिस तरह रखती हो...
वो मुझे हर दिन ये एहसास दिलाता है कि...
प्यार सिर्फ़ कहने से नहीं...निभाने से साबित होता है...
अगर ज़िंदगी दोबारा जीने का मौका मिले...
तो हर बार मैं तुम्हें ही अपनी हमसफ़र चुनूँगा...
क्योंकि तुम सिर्फ़ मेरी मोहब्बत नहीं...
मेरी ताक़त... मेरा सुकून और मेरी पूरी दुनिया हो....
Suggu
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