Tuesday, 8 September 2026

ज़िंदगी बहुत छोटी है...
इसलिए उन दोस्तों से ज़रूर मिलते रहो जो दिल के सबसे क़रीब हैं....
काम कभी ख़त्म नहीं होगा...
पर अपनों के साथ बिताया एक पल उम्रभर याद रहता है....
थोड़ा वक़्त अपने लिए भी निकालो...
थोड़ा उन रिश्तों के लिए जो मुस्कुराने की वजह बनते हैं....
जिससे मोहब्बत हो...उससे इज़हार भी करो...
क्योंकि ख़ामोशियाँ अक्सर अधूरी कहानियाँ छोड़ जाती हैं....
ज़िंदगी का असली सुकून पैसा नहीं...
बल्कि दोस्तों की महफ़िल और सच्चे प्यार में छुपा होता है...

(आशीष)

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आज रास्तों से नहीं...खुद से मिलने निकलूँगा... भीड़ में नहीं....अपने भीतर की ख़ामोशी में टहलूँगा... एक कप चाय... खुला आसमान...और दिल में उमड़...