Thursday, 7 November 2019

मोहब्बत...

जिंदगी में एक बार मोहब्बत किया तो, खुद से ही मोहब्बत कर बैठा...

मोहब्बत में इतना दर्द मिला की, लगा जैसे कोई गुनाह कर बैठा...

मोहब्बत से खुद को इतना दूर कर लिया था कि, मोहब्बत भी मुझे गवारा नहीं...

तुम्हें जब पहली बार देखा तो यार कसम से, फ़िर से मोहब्बत कर बैठा...

आशीष...

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तुम्हें शायद कभी एहसास न हो... लेकिन मेरी ज़िंदगी की सबसे खूबसूरत आदत तुम हो... जब दुनिया की भागदौड़ मुझे थका देती है... तो तुम्हारा ख़याल.....